ट्रंप के दबाव में पीएम मोदी ने किया भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: संसद के बाहर राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ट्रंप के दबाव में पीएम मोदी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने सरकार से समझौते का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की।
लोकसभा में बोलने की अनुमति न मिलने के बाद संसद परिसर के बाहर कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में किया गया है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जो समझौता पिछले चार महीनों से रुका हुआ था, वह अचानक कैसे और किन परिस्थितियों में हस्ताक्षरित हो गया।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी डरे हुए हैं, क्योंकि जिन ताकतों ने उनकी छवि बनाई थी, वही अब उस छवि को तोड़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने इस व्यापार समझौते के जरिए देश की मेहनत और हितों को बेच दिया है। राहुल गांधी के अनुसार, “प्रधानमंत्री पर अत्यधिक दबाव है और उनकी बनाई गई छवि को नुकसान पहुंच सकता है। देश की जनता को यह समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री समझौते की स्थिति में हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि नेता प्रतिपक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने की अनुमति नहीं दी गई। राहुल गांधी ने दावा किया कि अमेरिका में उद्योगपति अडानी से जुड़े एक मामले का असल असर प्रधानमंत्री मोदी पर पड़ता है और इसी कारण उन पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में जारी एपस्टीन फाइल्स में अभी और जानकारियां सामने आनी बाकी हैं, जिनका दबाव भी भारत सरकार पर है।
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लोकसभा में हंगामे के बीच राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का हवाला देते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा को सबसे अहम मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि भारत, चीन और पाकिस्तान के साथ संबंधों का मुद्दा अत्यंत संवेदनशील है और इस पर चर्चा जरूरी है। राहुल गांधी का आरोप है कि भाजपा सांसदों ने उन्हें इन विषयों पर बोलने से रोका, क्योंकि सरकार सच्चाई सामने आने से डरती है।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि देश को यह जानने का हक है कि यह समझौता किन शर्तों पर और किस दबाव में किया गया।
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