इंदौर में राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, सरकारी स्कूलों को लेकर किया दावा
इंदौर में राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकारी स्कूलों और छात्रावासों से जुड़े आंकड़े पेश किए। छात्रों ने नियुक्तियों में देरी और परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे उठाए।
मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि देश में एक लाख से अधिक सरकारी स्कूल बंद हुए हैं और इनमें 55 प्रतिशत अकेले मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हैं।
राहुल गांधी ने छात्रावासों की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हर 100 छात्रों में केवल 14 को ही छात्रावास में जगह मिल पाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था सवाल पूछने वाले छात्रों के बजाय हर बात स्वीकार करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करती है।
उन्होंने कहा कि छात्र स्वभाव से जिज्ञासु होते हैं और सवाल पूछते हैं। उनके मुताबिक, छात्र यह जानना चाहते हैं कि स्कूल और कॉलेजों की स्थिति ऐसी क्यों है, पेपर लीक क्यों होते हैं और युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए, क्योंकि वे देश का भविष्य हैं।
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राहुल गांधी ने छात्रों की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वे लड़ाई या धमकी देने के बजाय सवाल पूछते हैं। उन्होंने ईमानदारी और निष्ठा को भी छात्रों की महत्वपूर्ण विशेषता बताया।
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के एक छात्र ने सरकारी परीक्षा पास करने के बावजूद नियुक्तियों में देरी का मुद्दा उठाया। छात्र के अनुसार, कानूनी विवादों के कारण 13 प्रतिशत नियुक्तियां अटकी हुई हैं।
देवास के एक अन्य छात्र ने दावा किया कि एमपीपीएससी में कथित अनियमितताओं को सामने लाने के बाद उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और उसे जेल भेजा गया।
‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत कोटा से हुई थी। इंदौर इसका पांचवां संस्करण है। इससे पहले देहरादून, दिल्ली, प्रयागराज और पुणे में भी कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।