क्या आप बीजेपी के हैं? घायल पुलिसकर्मियों पर सवाल पूछे जाने पर राहुल गांधी की तीखी प्रतिक्रिया
जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सवाल पूछे जाने पर राहुल गांधी ने रिपोर्टर से पूछा, क्या आप बीजेपी के हैं? और बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को संसद परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। जब एक पत्रकार ने जंतर-मंतर पर हुए नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन में घायल दिल्ली पुलिसकर्मियों के परिवारों की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही, तो राहुल गांधी ने जवाब में कहा, "क्या आप बीजेपी के हैं?" इसके बाद उन्होंने इस मुद्दे पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया और वहां से आगे बढ़ गए।
यह घटनाक्रम उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ समय बाद सामने आया, जिसमें घायल दिल्ली पुलिस कर्मियों के परिजनों ने मीडिया के सामने अपने अनुभव साझा किए। परिवारों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर लगातार हिंसक हमले हुए और कई अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
परिजनों का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पुलिसकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई, लेकिन उनके बलिदान और चोटों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा घायल पुलिसकर्मियों को न्याय दिलाने की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परिवारों ने कुछ वीडियो भी दिखाए, जिनके बारे में उनका दावा था कि उनमें प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर हमला करते हुए देखा जा सकता है। उनका आरोप था कि प्रदर्शन में असामाजिक तत्व शामिल हो गए थे, जिन्होंने पुलिस पर हिंसक हमला किया। परिवारों ने यह भी कहा कि कई पुलिसकर्मी अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
इस बीच, इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक टकराव भी तेज हो गया है। एक दिन पहले राहुल गांधी ने छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की थी।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने 29 जुलाई को लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिया है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं।