रेल मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, 40 साल पुरानी प्रणाली से नई उन्नत व्यवस्था में सुचारु बदलाव सुनिश्चित करने पर जोर
रेल मंत्री ने अधिकारियों को 40 वर्ष पुरानी रेलवे प्रणाली से नई तकनीकी व्यवस्था में सुचारु बदलाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नई प्रणाली अत्याधुनिक तकनीक से विकसित की गई है।
केंद्रीय रेल मंत्री ने रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए कि 40 वर्ष पुरानी प्रणाली से नई उन्नत तकनीकी व्यवस्था में बदलाव पूरी तरह सुचारु और बिना किसी बाधा के किया जाए। मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि वर्ष 1986 में शुरू की गई इस प्रणाली में पिछले चार दशकों के दौरान कई छोटे बदलाव किए गए थे, लेकिन अब इसे पूरी तरह आधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया गया है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, नई प्रणाली को अत्याधुनिक तकनीक के जरिए अपग्रेड किया गया है, जिससे इसकी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह बदलाव भारतीय रेलवे की कार्यप्रणाली को अधिक तेज, सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रेल मंत्री ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि नई व्यवस्था लागू करते समय यात्रियों की सुविधा और सेवाओं की निरंतरता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि संक्रमण प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या या संचालन संबंधी बाधा उत्पन्न न हो।
और पढ़ें: पहली वंदे भारत ट्रेन जम्मू से श्रीनगर के नौगाम स्टेशन पहुँची
मंत्रालय के बयान के मुताबिक, पिछले 40 वर्षों में पुरानी प्रणाली में कई बार संशोधन किए गए थे, लेकिन बढ़ती जरूरतों और तकनीकी विकास को देखते हुए अब इसे पूरी तरह बदलना आवश्यक हो गया था। नई प्रणाली में आधुनिक डिजिटल तकनीक, बेहतर डेटा प्रबंधन और अधिक संचालन क्षमता जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस उन्नत प्रणाली से रेलवे सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और यात्रियों को अधिक भरोसेमंद तथा तेज सेवाएं मिल सकेंगी।
भारतीय रेलवे लगातार आधुनिकीकरण की दिशा में काम कर रहा है और यह नया तकनीकी बदलाव उसी व्यापक सुधार अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
और पढ़ें: अमृत भारत ट्रेनों की सौगात: उत्तर प्रदेश को दो नई ट्रेनें, जानें रूट और सुविधाएं