राजस्थान हाई कोर्ट के भवन पर मंडराया खतरा, आईआईटी बॉम्बे ने 40% हिस्से को बताया संवेदनशील
राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ के भवन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं। आईआईटी बॉम्बे ने करीब 40 प्रतिशत निरीक्षित हिस्से को कंक्रीट स्पॉलिंग के लिहाज से संवेदनशील पाया है।
राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ के भवन की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर अदालत ने गंभीर चिंता जताई है। करीब 21 मीटर ऊंचे केंद्रीय गुंबद को लेकर आईआईटी बॉम्बे की विशेषज्ञ रिपोर्ट में इसके अचानक ढहने की आशंका जताई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायमूर्ति डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और न्यायमूर्ति प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने कहा कि न्यायालय परिसर में आने वाले न्यायाधीशों, कर्मचारियों, वकीलों और आम लोगों की सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। हाई कोर्ट भवन का संरचनात्मक कार्य वर्ष 2013 के अंत तक पूरा हुआ था और दिसंबर 2019 में इसे सुपुर्द किया गया था। हालांकि, उद्घाटन के कुछ वर्षों के भीतर ही भवन में संरचनात्मक और रखरखाव संबंधी समस्याएं सामने आने लगीं।
अदालत के आदेश के अनुसार, वर्ष 2023 से कई स्थानों पर छत, प्लास्टर और फॉल्स सीलिंग गिरने की घटनाएं सामने आईं। कोर्ट नंबर 2, 9 और 16 तथा चेंबर नंबर 16 में ऐसी घटनाएं हुईं। 29 अप्रैल 2023 को केंद्रीय गुंबद का एक हिस्सा भी गिर गया था। इसके बाद अन्य हिस्सों में भी छत और फॉल्स सीलिंग गिरने की शिकायतें मिलीं।
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भवन में लगातार सीपेज, खराब सैनिटरी पाइप और फिटिंग, ड्रेनेज की समस्याएं तथा अपर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को भी गंभीर कमियां माना गया है।
आईआईटी बॉम्बे के हालिया स्ट्रक्चरल ऑडिट में सीवर में जंग, कार्बोनेशन और कुछ हिस्सों में क्लोराइड के प्रभाव को भवन की खराब स्थिति का प्रमुख कारण बताया गया। निरीक्षण किए गए क्षेत्रों में करीब 40 प्रतिशत हिस्सा कंक्रीट स्पॉलिंग के लिहाज से संवेदनशील पाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक नमी और सीपेज बढ़ने पर लोहे में जंग तेजी से फैल सकती है और कंक्रीट का हिस्सा अचानक गिर सकता है।
वर्ष 2023 में आईआईटी जोधपुर की विशेषज्ञ समिति ने भी स्लैब के कंक्रीट कवर में भारी जंग, स्टील सरियों में क्षरण, दरारें और वॉटरप्रूफिंग में खामियां पाई थीं।
राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन ने भवन की संरचनात्मक मरम्मत और रेट्रोफिटिंग के लिए करीब 57.65 करोड़ रुपये का अनुमान तैयार किया है। फिलहाल गुंबद क्षेत्र को बैरिकेड कर सील किया गया है और 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
अदालत ने 24 अगस्त तक विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया है। मुख्य सचिव, वित्त और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव, आरएसआरडीसी के प्रबंध निदेशक, पुलिस महानिदेशक, जोधपुर पुलिस आयुक्त और आईआईटी बॉम्बे के प्रतिनिधियों समेत संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने को कहा गया है।
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