राजस्थान निकाय चुनाव में बीजेपी का दबदबा बरकरार, 10 में 8 नगर निगमों में बनाएगी बोर्ड
राजस्थान निकाय चुनाव में बीजेपी ने 10 में से 8 नगर निगमों में बढ़त बनाई, लेकिन वार्ड और वोट शेयर में कांग्रेस से बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला।
राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव में बीजेपी ने अपना दबदबा कायम रखा है। पार्टी ने 10 नगर निगमों में से 8 में बोर्ड बनाने की स्थिति हासिल की है। हालांकि वार्ड स्तर के आंकड़े बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर की तस्वीर भी दिखाते हैं।
यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि पहली बार पूरे राजस्थान में 309 शहरी निकायों के लिए एक साथ मतदान हुआ। ‘एक राज्य, एक चुनाव’ के तहत 1.44 करोड़ से अधिक शहरी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राज्य में कुल 5.17 करोड़ मतदाता हैं और शहरी मतदाता कुल आबादी का करीब 27.84 प्रतिशत हैं।
परिणाम आने के बाद बीजेपी कार्यालय में जीत का जश्न मनाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बीजेपी को बधाई दी।
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10 नगर निगमों में बीजेपी जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा में सबसे बड़ी पार्टी बनी है। पाली और भरतपुर में निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से बोर्ड बनाने की संभावना है।
जोधपुर में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। यहां बीजेपी और कांग्रेस दोनों को 44-44 सीटें मिलीं। 10 निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद का समर्थन बीजेपी को बहुमत दिला सकता है। जोधपुर का परिणाम पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के राजनीतिक प्रभाव की भी परीक्षा माना जा रहा है।
कुल 10,245 वार्डों में बीजेपी ने 4,179 और कांग्रेस ने 3,613 वार्ड जीते। निर्दलीय व अन्य उम्मीदवारों ने 2,273 वार्डों में जीत दर्ज की। आम आदमी पार्टी ने बारां में 42 वार्ड जीतकर चौंकाया।
वोटों में भी अंतर बेहद कम रहा। बीजेपी को 37.35 लाख और कांग्रेस को 36.35 लाख वोट मिले। दोनों दलों के वोट शेयर में अंतर सिर्फ 0.94 प्रतिशत रहा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दावा किया कि पंचायत चुनावों में ग्रामीण जनता असली तस्वीर दिखाएगी।
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