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कांग्रेस भारत में बांग्लादेश जैसा सत्ता परिवर्तन चाहती है: राजनाथ सिंह का विपक्षी गठबंधन पर हमला

राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर भारत में बांग्लादेश जैसी सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने एसआईआर विरोध प्रदर्शनों और कांग्रेस के पुराने राजनीतिक फैसलों की आलोचना की।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह भारत में बांग्लादेश जैसी सत्ता परिवर्तन की स्थिति पैदा करना चाहता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है।

लखनऊ में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के साथ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया। ये प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर हो रहे हैं।

राजनाथ सिंह ने अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा की उन टिप्पणियों का उल्लेख किया, जिनमें कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों के बांग्लादेश के विरोध प्रदर्शनों से प्रेरित होने की बात कही गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल देश में अव्यवस्था फैलाने के लिए करना चाहते हैं।

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राजनाथ ने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को समझना चाहिए कि लोकतंत्र अराजकता फैलाने, संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता कमजोर करने या देश के विकास में बाधा डालने का अधिकार नहीं देता। उन्होंने कहा कि कानून का सम्मान करना व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है और राजनीतिक हितों के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं की बलि नहीं दी जा सकती।

रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर ऐतिहासिक घटनाओं को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल को अक्षम्य अपराध बताया। इसके अलावा, उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों और 1990 में रामभक्तों तथा कारसेवकों की मौत से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की आलोचना की।

राजनाथ सिंह ने चुनाव आयोग के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि 1993 में कांग्रेस सरकार ने दो नए चुनाव आयुक्त नियुक्त किए थे। उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी के उस पत्र का भी उल्लेख किया, जिसमें चुनाव आयुक्त नवीन चावला को हटाने की सिफारिश की गई थी। आरोप था कि चावला ने कांग्रेस नेताओं के साथ संवेदनशील जानकारी साझा की थी।

राजनाथ ने सवाल उठाया कि जिस कांग्रेस पर पहले चुनाव आयोग को लेकर ऐसे आरोप लगे, वही आज वोट चोरी का आरोप कैसे लगा रही है। कांग्रेस की ओर से इन ताजा आरोपों पर प्रतिक्रिया इस खबर में शामिल नहीं है।

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