पश्चिम एशिया संघर्ष पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उच्चस्तरीय बैठक, हालात पर रखी जा रही नजर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर चौथी अनौपचारिक मंत्रिसमूह बैठक की अध्यक्षता की। सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और आवश्यक कदम उठा रही है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। यह अनौपचारिक मंत्रिसमूह (आईजीओएम) की चौथी बैठक थी, जिसमें क्षेत्रीय हालात और उनके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई और यह आकलन किया गया कि मौजूदा संघर्ष का भारत और वैश्विक परिस्थितियों पर क्या असर पड़ सकता है। अधिकारियों ने बताया कि सरकार स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और स्थिति के बदलते हालात पर नजर रख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।
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बैठक में संबंधित मंत्रालयों और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। चर्चा के दौरान क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर भी विचार किया गया।
सरकार का कहना है कि भारत की प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है। इसी के तहत विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर संभावित प्रभावों का भी आकलन किया जा रहा है।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और इसका असर वैश्विक कूटनीति और ऊर्जा बाजारों पर भी देखा जा रहा है।
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