ग्लोबल तेल संकट पर राजनाथ सिंह की उच्चस्तरीय बैठक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तेल बचाओ अपील के बाद समीक्षा तेज
पश्चिम एशिया संकट के बीच राजनाथ सिंह ने ऊर्जा सुरक्षा पर बैठक की। पीएम मोदी ने लोगों से तेल बचाने और विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की, आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर बढ़ते दबाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इन्फॉर्मल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (IGoM) की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करना और देश में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना था।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से तेल का समझदारी से उपयोग करने और विदेशी मुद्रा भंडार बचाने की अपील की थी।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
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उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की घबराहट न फैलाएं, क्योंकि सरकार आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी तरह की कमी या बाधा को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का संदेश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दूसरी ओर, हैदराबाद में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वैश्विक सप्लाई चेन लगातार दबाव में है और इससे आयात पर निर्भर देशों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़े तेल भंडार नहीं हैं, इसलिए पेट्रोल-डीजल का सावधानीपूर्वक उपयोग जरूरी है।
पीएम मोदी ने लोगों से कारपूलिंग, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग की सलाह दी। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान अपनाई गई वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल मीटिंग की व्यवस्था को फिर से अपनाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने गैर-जरूरी विदेश यात्रा और सोने की खरीद से एक साल तक बचने की भी अपील की।