हमारे सशस्त्र बलों का शौर्य सिर्फ युद्धभूमि तक सीमित नहीं: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल केवल युद्ध तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय सहायता देकर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए कहा कि उनका शौर्य और योगदान केवल युद्धभूमि तक सीमित नहीं है, बल्कि वे देश और समाज की सेवा में हर परिस्थिति में आगे रहते हैं।
एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप और अन्य संकटों के दौरान सेना के जवान सबसे पहले राहत और बचाव कार्यों में जुट जाते हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारतीय सशस्त्र बल न केवल देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि संकट की घड़ी में नागरिकों की मदद कर मानवता की मिसाल भी पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह भारतीय सेना के चरित्र और समर्पण को दर्शाता है।
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रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि बदलते समय में सेना की भूमिका और भी व्यापक हो गई है। आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण के साथ-साथ सैनिक अब राहत कार्यों, चिकित्सा सहायता और पुनर्वास जैसे कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश को अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है, जो हर चुनौती का सामना साहस और संवेदनशीलता के साथ करते हैं।
राजनाथ सिंह ने यह भी जोर दिया कि सरकार सेना को हर आवश्यक संसाधन और तकनीक उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे और अधिक प्रभावी ढंग से अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का समर्पण और सेवा भावना उन्हें दुनिया की सबसे विश्वसनीय सेनाओं में शामिल करती है।
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