शिक्षित लोगों का देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होना चिंताजनक प्रवृत्ति: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में शिक्षित लोगों के बीच व्हाइट कॉलर आतंकवाद बढ़ना चिंताजनक है और शिक्षा के साथ नैतिकता व चरित्र का विकास जरूरी है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार (2 जनवरी, 2026) को देश में “व्हाइट कॉलर आतंकवाद” की एक चिंताजनक प्रवृत्ति उभरने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में उच्च शिक्षित लोग भी समाज और राष्ट्र के खिलाफ गतिविधियों में लिप्त पाए जा रहे हैं, जो बेहद गंभीर विषय है।
उदयपुर में भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के 104वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस हमले के आरोपी डॉक्टर निकले, जो इस बात को रेखांकित करता है कि शिक्षा के साथ नैतिकता और चरित्र का होना कितना आवश्यक है।
राजनाथ सिंह ने कहा, “आज देश में व्हाइट कॉलर आतंकवाद की एक खतरनाक प्रवृत्ति सामने आ रही है। जो लोग अत्यधिक शिक्षित हैं, वही समाज और देश के खिलाफ काम कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “दिल्ली बम धमाके के आरोपी डॉक्टर थे—जो पर्चियों पर ‘Rx’ लिखते हैं, लेकिन उनके हाथों में RDX था। इससे स्पष्ट होता है कि ज्ञान के साथ मूल्यों और चरित्र का होना अनिवार्य है।”
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उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पेशेवर सफलता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें नैतिकता, आचार और मानवीय चरित्र का विकास भी शामिल होना चाहिए।
गौरतलब है कि 10 नवंबर को लाल किले के बाहर विस्फोटकों से भरी एक आई20 कार में विस्फोट हुआ था, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि कार चला रहा व्यक्ति डॉ. उमर-उन-नबी था। इस मामले में ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी मॉडल का खुलासा हुआ और तीन डॉक्टरों—मुज़म्मिल गनई, आदिल रादर और शहीना सईद—सहित अन्य लोगों की गिरफ्तारी हुई।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि देश में कई रक्षा स्टार्टअप उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं और उन्हें विश्वास है कि अगले 15-20 वर्षों में भारत हथियारों के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन जाएगा। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और अन्य तकनीकों के सकारात्मक उपयोग पर भी जोर दिया। साथ ही आत्मसम्मान और अहंकार के बीच संतुलन बनाए रखने की सलाह दी।
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