हरियाणा के किसानों को अब अपने अधिकारों के लिए लड़ना पड़ रहा है: राकेश टिकैत
राकेश टिकैत ने यमुनानगर किसान महापंचायत में धान खरीद और गन्ने के दाम का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों को अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने रविवार को हरियाणा के यमुनानगर में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित किया। उन्होंने धान खरीद और गन्ने के दाम से जुड़े मुद्दों को लेकर किसानों की समस्याएं उठाईं और कहा कि किसानों को अब अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
राकेश टिकैत ने कहा कि राज्य के किसान अपनी उपज की खरीद और उचित कीमत को लेकर परेशान हैं। उन्होंने धान खरीद व्यवस्था और गन्ने के मूल्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार से किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
किसान महापंचायत में बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। टिकैत ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान बातचीत और प्रभावी नीतियों के माध्यम से किया जाना चाहिए। उन्होंने किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की भूमिका का भी उल्लेख किया।
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टिकैत ने कहा कि यदि किसानों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो संयुक्त किसान मोर्चा आगे की रणनीति तय करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि किसानों के मुद्दों को लेकर संगठन भविष्य में बड़े आंदोलन या अन्य कार्यक्रम का फैसला कर सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय संयुक्त किसान मोर्चा करेगा।
धान खरीद का मुद्दा हरियाणा के किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि फसल की खरीद और भुगतान में किसी भी तरह की परेशानी का सीधा असर उनकी आय पर पड़ता है। इसी तरह गन्ने के मूल्य को लेकर भी किसान लंबे समय से अपनी मांगें उठाते रहे हैं।
महापंचायत के दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं और मांगें सामने रखीं। टिकैत ने किसानों से संगठित रहने और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। अब सभी की नजर संयुक्त किसान मोर्चा की आगामी बैठक और उसके बाद तय होने वाली रणनीति पर रहेगी।
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