रांची में छात्रों ने हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के पुतले फूंके, 20 अगस्त को सीएम आवास घेराव की चेतावनी
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज हो गया। रांची में पुतले फूंके गए और 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव की चेतावनी दी।
भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन
रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन रविवार को और तेज हो गया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव के पुतले फूंके।
छात्रों ने अपने धरना स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस निकाला। चौक पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने तीनों नेताओं के पुतले जलाए। छात्रों का आरोप है कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।
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प्रदर्शन रविवार को 23वें दिन भी जारी रहा। छात्रों ने कहा कि सरकार की ओर से अभी तक औपचारिक बातचीत नहीं की गई है। उनके अनुसार, प्रशासनिक अधिकारी भूख हड़ताल कर रहे छात्रों का हाल जानने पहुंचे, लेकिन बैठक को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।
20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेरने का ऐलान
प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। मांगें पूरी नहीं होने पर 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने की घोषणा की गई है।
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि छात्र मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर उनके आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो और कांग्रेस छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगों में 2019 के बाद आयोजित जेएसएससी सीजीएल, जेएसएससी जेई और पीजीटी परीक्षाओं को रद्द करना, कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई, श्रेणीवार कटऑफ और ओएमआर शीट सार्वजनिक करना शामिल है।
छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी हैं। इससे पहले 10 अगस्त को विधानसभा घेराव मार्च के दौरान पुलिस ने आंसू गैस, पानी की बौछार और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया था।
सरकार ने मामले में सीआईडी जांच, ईडी जांच, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और भर्ती सुधारों के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने जैसी कार्रवाइयों की घोषणा की है। इसके बावजूद छात्र आंदोलन वापस लेने को तैयार नहीं हैं।