शर्मनाक और घटिया: रविशंकर प्रसाद ने पी. चिदंबरम के दिमागी नक्सली होने पर गर्व वाले बयान पर साधा निशाना
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने पी. चिदंबरम के ‘दिमागी नक्सली’ टिप्पणी पर प्रतिक्रिया की आलोचना की और इसे शर्मनाक बताते हुए कांग्रेस की विचारधारा पर सवाल उठाए।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने रविवार को कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम के ‘दिमागी नक्सली’ संबंधी बयान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चिदंबरम की टिप्पणी को “शर्मनाक और घटिया” बताते हुए कांग्रेस नेता की आलोचना की।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘दिमागी नक्सलियों’ को लेकर दिए गए बयान के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। प्रधानमंत्री ने शनिवार को ऐसे लोगों को लेकर चिंता जताई थी, जो कथित तौर पर व्यवस्था के भीतर अपनी विचारधारा के जरिए नीतियों और समाज को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने देशवासियों से ऐसे तत्वों को पहचानने और अलग-थलग करने की अपील की थी।
प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा था कि उन्हें “दिमागी नक्सली होने पर गर्व है।” चिदंबरम की इसी टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।
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रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश के पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ राजनेता से इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जाती। उन्होंने चिदंबरम के बयान को गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को अपने शब्दों की जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके कुछ नेता प्रधानमंत्री के बयान को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद और हिंसक विचारधाराओं के खिलाफ देश को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।
इस विवाद के बीच भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री की ‘दिमागी नक्सल’ वाली टिप्पणी राजनीतिक विरोधियों और सरकार की नीतियों की आलोचना करने वालों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही है।
वहीं भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी उन तत्वों के खिलाफ है, जो कथित तौर पर व्यवस्था के भीतर रहकर देश के हितों को नुकसान पहुंचाने वाली विचारधारा को बढ़ावा देते हैं।
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