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लाल किला बम विस्फोट मामला: एनआईए ने फरार आरोपी समेत तीन और आरोपियों के खिलाफ दाखिल की पूरक चार्जशीट

एनआईए ने लाल किला कार बम विस्फोट मामले में फरार आरोपी मुज़फ्फर अहमद समेत तीन और लोगों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की। मामले में कुल 13 आरोपियों को नामजद किया गया।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने वर्ष 2025 में नई दिल्ली के लाल किला के पास हुए भीषण कार बम विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी समेत तीन और लोगों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की है। इस विस्फोट में 11 लोगों की मौत हुई थी। एनआईए ने अपने पूरक आरोपपत्र में जम्मू-कश्मीर के रहने वाले जमीर अहमद आहंगर, तुफैल अहमद भट और फरार आरोपी मुज़फ्फर अहमद उर्फ फराज़ उर्फ जफर को नामजद किया है। इसके साथ ही इस मामले में चार्जशीट किए गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। इनमें मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी भी शामिल हैं, जिसकी पहले ही मौत हो चुकी है।

जांच एजेंसी के अनुसार, फरार आरोपी मुज़फ्फर अहमद पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ (एमबीबीएस, एमडी) है और सह-आरोपी डॉ. आदिल अहमद राथर का बड़ा भाई है। एनआईए का दावा है कि वह अल-कायदा से जुड़े संगठन एजीयूएच इंटरिम (AGuH Interim) का संस्थापक सदस्य भी है।

जांच में सामने आया है कि मुज़फ्फर ने जून 2022 में श्रीनगर के ईदगाह में हुई एक गुप्त बैठक में हिस्सा लिया था, जहां इस आतंकी मॉडल की स्थापना की गई थी। एनआईए के मुताबिक, वह फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय में संचालित एक गुप्त ठिकाने पर टीएटीपी आधारित आईईडी बनाने, उनकी टेस्टिंग और उन्हें सुरक्षित रखने में सक्रिय रूप से शामिल था।

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एनआईए ने मुज़फ्फर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) भी जारी कराया है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। वहीं, जमीर अहमद आहंगर पर आतंकी मॉडल के लिए हथियार, गोला-बारूद और धन पहुंचाने का आरोप है। तुफैल अहमद भट, जो पहले प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का ओवरग्राउंड वर्कर रह चुका है, पर हथियारों की आपूर्ति करने का आरोप लगाया गया है।

एनआईए ने पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली की विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट में दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ यूएपीए, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। एजेंसी ने कहा कि फॉरेंसिक जांच, जियो-लोकेशन मैपिंग और वित्तीय लेनदेन के विश्लेषण के आधार पर मामले की जांच अभी भी जारी है।

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