गणतंत्र दिवस परेड में दिखेंगी कई ऐतिहासिक पहली बार की झलकियां, सूर्यास्त्र से लेकर बैक्ट्रियन ऊंट तक होंगे शामिल
गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार सूर्यास्त्र प्रणाली, भैरव कमांडो बटालियन, जांस्कर घोड़े और बैक्ट्रियन ऊंट शामिल होंगे, जो भारतीय सेना की आधुनिक शक्ति और परंपरा को दर्शाएंगे।
इस वर्ष नई दिल्ली में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड कई अनोखी और ऐतिहासिक प्रस्तुतियों के कारण खास मानी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि पहली बार गहरी मारक क्षमता वाली रॉकेट लॉन्चर प्रणाली ‘सूर्यास्त्र’, नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन, जांस्कर क्षेत्र के विशेष घोड़े और बैक्ट्रियन नस्ल के ऊंट इस भव्य परेड का हिस्सा होंगे। यह आयोजन भारतीय सेना की आधुनिक युद्ध क्षमता और पारंपरिक विरासत का प्रभावशाली प्रदर्शन करेगा।
सूर्यास्त्र रॉकेट प्रणाली को स्वदेशी रक्षा तकनीक की एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है, जो लंबी दूरी तक सटीक प्रहार करने में सक्षम है। इसके प्रदर्शन से भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और आत्मनिर्भर रक्षा नीति को उजागर किया जाएगा। वहीं, पहली बार परेड में शामिल हो रही भैरव लाइट कमांडो बटालियन सेना की त्वरित प्रतिक्रिया और विशेष अभियानों की क्षमता को दर्शाएगी।
इस परेड में 61 कैवेलरी का स्वरूप भी पहली बार बदला हुआ नजर आएगा। घुड़सवार 61 कैवेलरी के जवान पारंपरिक औपचारिक वर्दी के बजाय युद्धक साजो-सामान में दिखाई देंगे। यह ऐतिहासिक बदलाव परेड में आधुनिक सैन्य तैयारियों को दर्शाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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इसके साथ ही भारतीय सेना की प्रमुख सैन्य परिसंपत्तियां कर्तव्य पथ पर ‘फेज्ड बैटल एरे फॉर्मेशन’ में आगे बढ़ेंगी। इस दौरान स्वदेशी प्लेटफॉर्म्स को सैनिकों के साथ प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे सेना की सामरिक योजना, तकनीकी दक्षता और युद्ध के लिए तत्परता का संदेश मिलेगा।
61 कैवेलरी अपनी भव्य उपस्थिति, आकर्षक हेडगियर और अनुशासित मार्च के लिए जानी जाती है और परंपरागत रूप से यह सशस्त्र बलों की परेड की अग्रणी टुकड़ी रही है। इस बार इसका नया स्वरूप परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।
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