उत्तरदायी कर प्रशासन के 5R का मंत्र: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने करदाताओं का भरोसा बढ़ाने पर दिया जोर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उत्तरदायी कर प्रशासन के 5R पेश करते हुए कर निश्चितता, पारदर्शिता, तकनीकी सुधार, आसान अनुपालन और करदाताओं का विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया।
केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा आयोजित 167वें आयकर दिवस समारोह में उत्तरदायी कर प्रशासन के 5R—रिकग्नाइज़ (पहचान), रिस्पॉन्ड (प्रतिक्रिया), रिड्रेस (समाधान), रिफ्लेक्ट (आत्ममंथन) और रिफॉर्म (सुधार) का विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कर प्रणाली में अधिक निश्चितता, कम मुकदमेबाजी और पारदर्शी प्रशासन से करदाताओं का विश्वास बढ़ेगा तथा देश की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि आयकर विभाग की भूमिका अब केवल कर संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निष्पक्ष, पारदर्शी, कुशल और करदाता-केंद्रित प्रशासन स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने आयकर अधिनियम, 2025 को एक ऐतिहासिक सुधार बताते हुए कहा कि इससे कर कानूनों को सरल बनाया गया है, अनुपालन लागत में कमी आई है और कारोबार सुगमता को बढ़ावा मिला है। उन्होंने ई-फाइलिंग पोर्टल में सुधार, आयकर रिटर्न के तेज निस्तारण, समय पर रिफंड और शिकायतों के बेहतर समाधान का भी उल्लेख किया।
सीतारमण ने कहा कि शिकायत निवारण केवल व्यक्तिगत मामलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। विभाग को बार-बार सामने आने वाली समस्याओं की पहचान कर स्थायी और प्रणालीगत सुधार लागू करने चाहिए। उन्होंने कहा कि ईमानदार करदाताओं को सरल सेवाएं, वास्तविक त्रुटियों को सुधारने का अवसर और विनम्र व्यवहार वाला कर प्रशासन मिलना चाहिए।
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उन्होंने आधुनिक अवसंरचना, तकनीक के व्यापक उपयोग और मानव संसाधन में निवेश को मजबूत करने पर भी जोर दिया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा एनालिटिक्स, फॉरेंसिक अकाउंटिंग, अंतरराष्ट्रीय कराधान, ट्रांसफर प्राइसिंग, डिजिटल परिसंपत्तियों, साइबर सुरक्षा और नेतृत्व विकास जैसे क्षेत्रों में क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर उन्होंने विशेष बल दिया।
राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने आयकर अधिनियम, 2025, नए आयकर नियमों और प्रपत्रों को सरल एवं करदाता-अनुकूल व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम बताया। वहीं, सीबीडीटी अध्यक्ष रवि अग्रवाल ने मुकदमेबाजी में कमी, अपीलों के त्वरित निपटारे, एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट, रिटर्न प्रोसेसिंग और रिफंड व्यवस्था में सुधार की जानकारी दी। उन्होंने पैन 2.0, आईटीबीए 2.0, आईईसी 3.0, कर साथी और सक्षम नज जैसी तकनीकी पहलों का उल्लेख करते हुए विभाग की उपलब्धियों को रेखांकित किया।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ने आयकर विभाग के छह प्रमुख प्रकाशनों का विमोचन किया। इनमें विदेशी कर एवं कर अनुसंधान विभाग की पहली वार्षिक रिपोर्ट, सूचना आदान-प्रदान मैनुअल, क्रिप्टो परिसंपत्ति रिपोर्टिंग पर भारत का पहला मार्गदर्शक दस्तावेज तथा एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट कार्यक्रम की वार्षिक रिपोर्ट शामिल हैं। समारोह के दौरान कराधान के इतिहास, कर्मयोगी शिक्षा पथ पोर्टल, विभाग की उपलब्धियों और करदाता संवाद के आधुनिकीकरण पर आधारित चार लघु फिल्मों का भी प्रदर्शन किया गया।
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