आरएसएस की तीन दिवसीय समन्वय बैठक में जनसंख्या असंतुलन और युवाओं को नशामुक्त करने पर होगी चर्चा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय समन्वय बैठक में जनसंख्या असंतुलन और युवाओं को नशे से दूर रखने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। 32 संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तीन दिवसीय समन्वय बैठक में देश से जुड़े कई महत्वपूर्ण सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में विशेष रूप से जनसंख्या असंतुलन और युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के उपायों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है।
बैठक में संघ से प्रेरित 32 संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी और प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इस दौरान विभिन्न संगठनों के कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ सामाजिक चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर भी चर्चा की जाएगी।
आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सह-सरकार्यवाहों और केंद्रीय कार्यालय के अन्य पदाधिकारियों के भी बैठक में शामिल होने की जानकारी है।
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समन्वय बैठक को संघ परिवार के विभिन्न संगठनों के बीच बेहतर तालमेल और भविष्य की रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें संगठनों की गतिविधियों, सामाजिक सरोकारों और देश के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों पर विचार साझा किए जाएंगे।
बैठक में जनसंख्या से जुड़े विषय को भी प्रमुखता मिलने की संभावना है। जनसंख्या के असंतुलन को लेकर संघ पहले भी अपनी चिंता जाहिर करता रहा है। इसके अलावा युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए सामाजिक स्तर पर किए जा सकने वाले प्रयासों पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, परिवार और युवा कल्याण जैसे विषयों से जुड़े संगठनों के अनुभवों को भी साझा किया जा सकता है। संघ से जुड़े विभिन्न संगठन अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी देंगे।
तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक के दौरान समन्वय बढ़ाने और साझा सामाजिक अभियानों को प्रभावी बनाने पर जोर रहने की उम्मीद है। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर आगामी कार्ययोजनाओं पर चर्चा करेंगे।