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रूस ने अमेरिका-ईरान वार्ता का समर्थन किया, बल प्रयोग के खिलाफ दी चेतावनी

रूस ने अमेरिका और ईरान से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की, साथ ही चेतावनी दी कि बल प्रयोग से पश्चिम एशिया में गंभीर अस्थिरता फैल सकती है।

रूस ने गुरुवार (29 जनवरी, 2026) को कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की अभी भी पर्याप्त गुंजाइश मौजूद है और चेतावनी दी कि तेहरान के खिलाफ किसी भी तरह के सैन्य बल प्रयोग के गंभीर और खतरनाक परिणाम हो सकते हैं। रूस ने स्पष्ट किया कि बल प्रयोग से पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में अस्थिरता और अराजकता फैल सकती है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से परमाणु हथियारों को लेकर समझौता करने के लिए बातचीत की मेज पर आने का आग्रह किया था। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ, तो अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई हो सकती है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पेस्कोव ने कहा, “हम सभी पक्षों से लगातार संयम बरतने और समस्याओं के समाधान के लिए किसी भी प्रकार के बल प्रयोग को त्यागने की अपील करते हैं। यह स्पष्ट है कि वार्ता की संभावनाएं अभी समाप्त नहीं हुई हैं। हमें प्राथमिक रूप से बातचीत और कूटनीतिक तंत्र पर ही ध्यान केंद्रित करना चाहिए।”

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उन्होंने आगे कहा कि किसी भी प्रकार की सैन्य या जबरदस्ती की कार्रवाई केवल क्षेत्र में अराजकता पैदा करेगी और इससे पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पेस्कोव के अनुसार, ऐसे कदम क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ा सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं।

गौरतलब है कि यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से रूस और ईरान के बीच संबंध और अधिक मजबूत हुए हैं। जनवरी 2025 में दोनों देशों ने 20 वर्षीय रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। रूस लगातार यह रुख अपनाता रहा है कि ईरान के परमाणु मुद्दे सहित सभी विवादों का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है।

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