S-400 और ब्रह्मोस डीलों को आज मिल सकता है DAC का हरी झंडी, भारत की रक्षा क्षमता में बड़ा इजाफा
DAC आज S-400, ब्रह्मोस, अनमैनड ड्रोन और धनुष हॉवित्जर जैसी प्रमुख रक्षा खरीद योजनाओं को मंजूरी दे सकता है, जिससे भारत की सैन्य क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।
रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) आज एक अहम बैठक के लिए तैयार है, जिसमें भारत की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कई प्रमुख रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी जा सकती है। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे और इसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेनाओं के प्रमुख और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
बैठक में महत्वपूर्ण प्रस्तावों में S-400 सुदर्शन एयर डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त पांच इकाइयों, चार भारतीय निर्मित अनमैनड कॉम्बैट एयरक्राफ्ट स्क्वाड्रन, 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, लंबी दूरी के ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल और 300 धनुष हॉवित्जर शामिल हैं।
S-400 सिस्टम भारतीय वायुसेना की हवाई सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसने पाकिस्तान के कई लड़ाकू विमानों और हाई-वैल्यू सर्विलांस प्लेन को इंटरसेप्ट किया था, जिसमें 300 किलोमीटर से अधिक दूरी के लक्ष्य भी शामिल थे।
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अनमैनड कॉम्बैट ड्रोन स्क्वाड्रन भारत की लंबी दूरी की प्रिसिजन स्ट्राइक और निगरानी क्षमता को मजबूत करेंगे। वहीं, ब्रह्मोस मिसाइलों का संग्रह और धनुष हॉवित्जर सेना की मारक क्षमता को बढ़ाएंगे।
मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट प्रोग्राम के तहत, वायुसेना 60 एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए बोली प्रक्रिया में है, जिसमें ब्राजील की एम्ब्रायर, अमेरिका की लॉकहीड मार्टिन और रूस की इल्यूशन प्रमुख दावेदार हैं। ये विमान टैक्टिकल और स्ट्रैटेजिक लिफ्ट क्षमता में सुधार करेंगे।
इसके अलावा, प्रोजेक्ट कुशा के तहत DRDO द्वारा विकसित पांच स्क्वाड्रन लंबी दूरी की सतह-से-हवा मिसाइलों की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है, जो भारत की घरेलू रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करने और बाहरी निर्भरता कम करने का संकेत है।