सबरीमाला सोना चोरी मामला: एलडीएफ ने सोनिया गांधी से कथित संबंध पर कांग्रेस को घेरा
सबरीमाला सोना चोरी मामले में एलडीएफ ने कांग्रेस से सोनिया गांधी के आवास पर दो मुख्य आरोपियों की मौजूदगी पर जवाब मांगा, कांग्रेस पर मुद्दे से बचने और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
केरल में सबरीमाला सोना चोरी विवाद को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्य में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने कांग्रेस नेतृत्व वाले विपक्ष को रक्षात्मक स्थिति में लाने की कोशिश करते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस अब तक इस बात की “संतोषजनक और स्पष्ट व्याख्या” नहीं कर पाई है कि इस मामले के दो मुख्य आरोपी नई दिल्ली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के अत्यधिक सुरक्षा वाले और सीमित पहुंच वाले आवास तक कैसे पहुंचे।
केरल के कानून मंत्री पी. राजीव ने मंगलवार (3 फरवरी 2026) को कहा कि जनता अब भी इस सवाल का जवाब तलाश रही है कि कथित तौर पर “मुख्य चोर और लूटी गई संपत्ति को हासिल करने वाला व्यक्ति” सोनिया गांधी से कैसे मिला। उन्होंने दावा किया कि आरोपियों के साथ इस दौरान कांग्रेस के दो सांसद भी मौजूद थे, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।
कानून मंत्री ने कहा कि कांग्रेस इस पूरे प्रकरण पर विधानसभा में व्यवधान पैदा कर रही है, लेकिन यह रवैया असल मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश है। उनके अनुसार, सबरीमाला सोना चोरी मामले में कांग्रेस का यह “हंगामेदार रुख” पार्टी नेतृत्व की कथित संलिप्तता को ढकने और सार्थक बहस से बचने का एक तरीका है।
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राजीव ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही है और अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था वाले आवास तक आरोपियों की पहुंच कैसे संभव हुई। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल चोरी का नहीं, बल्कि राजनीतिक और नैतिक जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है।
एलडीएफ का कहना है कि कांग्रेस को इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट और पारदर्शी जवाब देना चाहिए। वहीं, इस मुद्दे पर कांग्रेस और एलडीएफ के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं, जिससे केरल की राजनीति में आगामी दिनों में और गरमाहट देखने को मिल सकती है।
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