×
 

सहरसा के दुकानदार के तीन बच्चों ने एक साथ पास की नीट परीक्षा, मेहनत और लगन की बनी मिसाल

बिहार के सहरसा में किराना दुकानदार के तीन बच्चों ने एक साथ नीट 2026 परीक्षा पास कर मिसाल पेश की। सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और अनुशासन से सफलता हासिल की।

बिहार के सहरसा जिले के एक साधारण किराना दुकानदार के परिवार ने असाधारण उपलब्धि हासिल कर पूरे राज्य का नाम रोशन कर दिया है। जिले के तुलसियाही गांव निवासी रोहित आनंद के तीनों बच्चों ने एक साथ नीट-यूजी 2026 परीक्षा उत्तीर्ण कर यह साबित कर दिया कि सफलता केवल महंगी कोचिंग पर नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प पर निर्भर करती है।

परिवार के सबसे बड़े बेटे रजनीश कुमार ने 633 अंक हासिल किए, जबकि बहन साक्षी कुमारी को 601 अंक और छोटे भाई प्रह्लाद कुमार को 565 अंक प्राप्त हुए। तीनों भाई-बहनों ने अपने गृह जिले सहरसा में रहकर ही परीक्षा की तैयारी की और शानदार प्रदर्शन किया।

रजनीश और प्रह्लाद ने सीबीएसई बोर्ड से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की, जबकि साक्षी ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से पढ़ाई की। अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद तीनों का सपना डॉक्टर बनने का था।

और पढ़ें: उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका, यूबीटी के छह बागी सांसदों को शिंदे गुट में जाने की मिली मान्यता

पिता रोहित आनंद एक छोटी किराना दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के कारण वे बच्चों को कोटा या दिल्ली जैसे बड़े कोचिंग केंद्रों में नहीं भेज सके। हालांकि उन्होंने बच्चों का मनोबल कभी टूटने नहीं दिया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

तीनों भाई-बहनों ने स्थानीय कोचिंग संस्थान में पढ़ाई की और नियमित रूप से एक-दूसरे के साथ कठिन विषयों पर चर्चा कर अपनी तैयारी को मजबूत बनाया। उनका कहना है कि समय का सही प्रबंधन, लगातार अभ्यास और आत्मविश्वास उनकी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी रहे।

माता पूनम देवी और पिता रोहित आनंद ने बताया कि बच्चों की मेहनत और लगन ने आज उनके सपनों को साकार कर दिया है। परिवार का मानना है कि सीमित संसाधन कभी भी प्रतिभा के रास्ते में बाधा नहीं बन सकते। तीनों की सफलता अब हजारों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

और पढ़ें: जलगांव में आदिवासी महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, 7 से 8 लोगों पर मामला दर्ज

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share