मुख्यमंत्री बनते ही एक्शन में सम्राट चौधरी, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पद संभालते ही अधिकारियों को तेजी से काम करने, भ्रष्टाचार खत्म करने और जन शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पदभार संभालते ही कामकाज में तेजी दिखाते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। शपथ लेने के तुरंत बाद वे मुख्य सचिवालय पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपनी पहली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। बैठक में सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रशासनिक कार्य पहले से सही दिशा में चल रहे हैं, लेकिन अब गति को दोगुना करने की आवश्यकता है ताकि जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से हो सके।
उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा कि सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम करेगी। “भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसे पूरी तरह खत्म करना होगा,” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा। साथ ही फाइलों में देरी, अनावश्यक प्रक्रिया और लंबित मामलों को तुरंत समाप्त करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने जन शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद जैसे मामलों को सरल बनाकर जल्दी निपटाया जाए, क्योंकि ऐसे विवाद राज्य में 60 से 70 प्रतिशत झगड़ों का कारण बनते हैं। उन्होंने ब्लॉक, सर्किल और थाने स्तर पर भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सम्राट चौधरी ने नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘सात निश्चय’ योजनाओं को तेज गति से लागू किया जाए। उन्होंने सभी विभागों से प्रगति रिपोर्ट तैयार करने को कहा।
उन्होंने अंत में अधिकारियों से समन्वय के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि बिहार को एक विकसित और समृद्ध राज्य बनाना सरकार का लक्ष्य है।
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