कुछ लोग कुत्ते होते हैं, लेकिन वफादार नहीं: संजय राउत का इशारों-इशारों में हमला, शिंदे बनाम उद्धव विवाद तेज
संजय राउत ने शिंदे गुट पर निशाना साधते हुए विवादित पोस्ट किया। शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के संपर्क में होने की अटकलों से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी पोस्ट साझा कर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ा दी। यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब शिवसेना (यूबीटी) के भीतर एक और बड़े टूट की अटकलें तेज हो गई हैं।
संजय राउत ने अपने पोस्ट में एक तस्वीर साझा की, जिसमें हिंदी में लिखा था—“कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं, लेकिन वफादार नहीं होते।” इसके साथ उन्होंने कैप्शन में “जय महाराष्ट्र!” लिखा। यह पोस्ट राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है और इसे हालिया राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से यह खबरें सामने आ रही हैं कि शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसद, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। इसी बीच राउत का यह बयान पार्टी के भीतर बढ़ते तनाव को और उजागर करता है।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब शिवसेना (यूबीटी) के नौ में से छह सांसद संसद भवन में आयोजित पार्टी बैठक में शामिल नहीं हुए। केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही बैठक में मौजूद रहे। अनुपस्थित सांसदों में नरेश म्हस्के, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिम्बालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल थे।
इस पर संजय राउत ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इन सांसदों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने यहां तक कहा कि “जो खुद को शिवसैनिक कहते हैं, वे कायर हैं।”
इस बीच, एकनाथ शिंदे ने भी उद्धव ठाकरे गुट पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भौंक रहे हैं, लेकिन उनके सामने एक शेर खड़ा है। शिंदे ने यह भी कहा कि “अभी तो यह सिर्फ ट्रेलर है, पूरी फिल्म बाकी है।”
इन बयानों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच तनाव और गहरा गया है।