उद्धव ठाकरे गुट में टूट की अटकलों के बीच संजय राउत का कड़ा बयान, कहा—अगर जाना है तो इस्तीफा दें
संजय राउत ने शिवसेना (यूबीटी) सांसदों को पाला बदलने पर इस्तीफा देने को कहा। उन्होंने 50 करोड़ रुपये के ऑफर का आरोप लगाया और पार्टी की एकता का दावा किया।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) में संभावित टूट और सांसदों के पाला बदलने की अटकलों के बीच वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो भी सांसद किसी अन्य राजनीतिक खेमे में जाना चाहते हैं, उन्हें पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
नई दिल्ली में संजय राउत ने कहा कि पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं ने मेहनत करके लोकसभा सांसदों की जीत सुनिश्चित की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो सांसद शिवसेना के चुनाव चिन्ह पर और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में चुने गए हैं, उन्हें संगठन छोड़ने से पहले अपनी सदस्यता छोड़ देनी चाहिए।
शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से केवल तीन—अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे—ही राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे।
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राउत ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के सांसदों को तोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं और इसके लिए पैसों का लालच दिया जा रहा है। उनके अनुसार, पार्टी को मिली जानकारी के मुताबिक प्रत्येक सांसद को 50 करोड़ रुपये देने की पेशकश की जा रही है और कुछ नेताओं के लिए चार्टर्ड फ्लाइट की भी व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें दूसरी तरफ ले जाया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि शिवसेना (यूबीटी) का व्हिप अभी भी लागू है और पार्टी अपनी पहचान व अधिकारों को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रही है। साथ ही पार्टी ने इन घटनाक्रमों को लेकर लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिखा है।
राउत ने दावा किया कि 14 जून को हुई सांसदों की बैठक में सभी ने उद्धव ठाकरे के प्रति वफादारी जताई थी। कुछ सांसदों ने साईं बाबा, देवी भवानी और अपनी माताओं की शपथ लेकर पार्टी के प्रति निष्ठा दोहराई थी।
इस बीच, सांसद अरविंद सावंत ने भी कहा कि पार्टी रिपोर्टों के आधार पर एहतियाती कदम उठा रही है और सभी सांसद अभी भी उद्धव ठाकरे के साथ हैं।
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