सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगी गंगा तट और बाढ़ क्षेत्रों पर अतिक्रमण की पूरी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से गंगा तट और बाढ़ क्षेत्रों पर अतिक्रमण की पूरी रिपोर्ट पेश करने और गंगा संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह गंगा नदी के तट और बाढ़ क्षेत्रों पर हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करे और इस दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी दे।
यह आदेश न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने दिया। बेंच ने केंद्र से पूछा कि गंगा के पुनर्जीवन, संरक्षण और प्रबंधन के लिए जारी नोटिफिकेशन के कार्यान्वयन और निष्पादन के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी पूछा कि नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा अथॉरिटी को नोटिफिकेशन को प्रभावी रूप से लागू करने में कौन-कौन सी बाधाएँ या अड़चनें आ रही हैं। अदालत ने यह सुनिश्चित करने के लिए केंद्र से जवाब मांगा कि गंगा तट और इसके आसपास के क्षेत्रों में अतिक्रमण रोकने और उसे हटाने के लिए ठोस कार्रवाई की जा रही है।
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अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाए कि किन-किन इलाकों में अतिक्रमण हुआ है, उसे हटाने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए और आगे क्या योजना बनाई जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट का यह कदम गंगा संरक्षण और साफ-सफाई के प्रयासों को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि नदी संरक्षण के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा और अतिक्रमण को हटाने के लिए समयबद्ध योजना तैयार करनी होगी।
इस मामले की अगली सुनवाई में अदालत केंद्र सरकार की रिपोर्ट की समीक्षा करेगी और आवश्यकतानुसार आगे के आदेश जारी कर सकती है।
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