सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से कहा, बाल तस्करी को हल्के में न लें
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से कहा कि वे बाल तस्करी को गंभीरता से लें और गृह विभाग के माध्यम से इस पर त्वरित कार्रवाई करें। इसे हल्के में न लिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान राज्यों से अपील की कि वे बाल तस्करी को हल्के में न लें। अदालत ने कहा कि यह गंभीर समस्या है और इसे सख्ती से निपटा जाना चाहिए। न्यायमूर्ति एस. ए. बोबड़े और न्यायमूर्ति एम. एम. शांति की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि इस मामले में केवल राज्य सरकार और उसका गृह विभाग ही सतर्क होकर कार्रवाई कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बाल तस्करी के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए। न्यायालय ने यह भी कहा कि बाल तस्करी को रोकने के लिए प्रभावी उपायों की जरूरत है और राज्य सरकारों को इसे गंभीरता से लेकर कड़े कदम उठाने चाहिए।
खंडपीठ ने यह आदेश दिया कि प्रत्येक राज्य सरकार अपने गृह विभाग के माध्यम से इस समस्या का समाधान करें और इसके लिए विशेष कदम उठाए। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने बाल तस्करी से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह फैसला उस याचिका पर आया था जिसमें राज्य सरकारों से बाल तस्करी रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने की मांग की गई थी। न्यायालय ने राज्यों को यह भी निर्देश दिया कि वे इस समस्या से निपटने के लिए एक सख्त योजना तैयार करें और इसे लागू करें।
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