सुप्रीम कोर्ट ने आधार के आयु प्रमाण और मतदाता पंजीकरण में उपयोग पर रोक की याचिका पर केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने आधार के आयु प्रमाण और मतदाता पंजीकरण में उपयोग पर रोक की याचिका पर केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया। मामला चुनाव सुधार से जुड़ा है।
सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड के उपयोग को लेकर दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है। यह याचिका आधार के उपयोग को आयु प्रमाण और मतदाता पंजीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सीमित करने की मांग से जुड़ी है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब तलब किया है। यह याचिका अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर की गई है।
याचिका में कहा गया है कि आधार कार्ड का उपयोग कई मामलों में पहचान और आयु प्रमाण के रूप में किया जा रहा है, लेकिन इसके दुरुपयोग की आशंका भी बनी रहती है। इसलिए इसे मतदाता पंजीकरण और आयु सत्यापन जैसे संवेदनशील कार्यों में उपयोग करने पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी संबंधित पक्षों से विस्तृत जवाब देने को कहा है ताकि इस मुद्दे पर उचित निर्णय लिया जा सके।
याचिकाकर्ता का तर्क है कि मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि पहचान और आयु प्रमाण के स्रोतों को और अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जाए।
इस मामले को चुनाव सुधारों और डिजिटल पहचान प्रणाली के संतुलन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय माना जा रहा है।
केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब मिलने के बाद इस मामले में आगे की सुनवाई की जाएगी, जिसमें आधार के उपयोग से जुड़े कानूनी और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
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