छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नक्सली नेता विकास समेत 14 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में वरिष्ठ नक्सली नेता विकास समेत 14 माओवादी उग्रवादियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया। समर्पित कैडरों में नौ महिलाएं शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। राज्य के महासमुंद जिले में वरिष्ठ नक्सली नेता विकास सहित 14 माओवादी उग्रवादियों ने रविवार (1 मार्च 2026) को सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इसकी जानकारी उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी।
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले सभी उग्रवादी प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के बलांगीर-बरगढ़-महासमुंद (बीबीएम) डिवीजन से जुड़े थे। यह डिवीजन छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर सक्रिय था। आत्मसमर्पण करने वालों में नौ महिलाएं भी शामिल हैं, जो संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं।
आत्मसमर्पण करने वालों में विकास नामक नेता भी शामिल है, जो स्पेशल जोनल कमेटी स्तर का सदस्य था। उसे संगठन का महत्वपूर्ण और वरिष्ठ कैडर माना जाता था। अधिकारियों के अनुसार, यह आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है।
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समूह ने आत्मसमर्पण के दौरान भारी मात्रा में हथियार भी जमा कराए। इनमें तीन एके-47 राइफल, दो सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), दो इंसास राइफल और तीन .303 राइफल शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह हथियार लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहे थे।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के सतत अभियान के चलते नक्सली संगठन कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि जो भी मुख्यधारा में लौटना चाहता है, सरकार उसका स्वागत करेगी और उसे पुनर्वास की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों की सख्ती और विकास कार्यों के कारण नक्सलियों का जनाधार लगातार घट रहा है। हाल के महीनों में कई उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिससे राज्य में शांति और स्थिरता की उम्मीद मजबूत हुई है।
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