सेंसेक्स 628 अंक उछला, निफ्टी 153 अंक चढ़ा; सप्ताहभर की गिरावट पर लगा विराम
अमेरिकी ट्रेजरी के हस्तक्षेप से वैश्विक बॉन्ड यील्ड का दबाव घटा, जिससे घरेलू बाजार संभले। सेंसेक्स 628 अंक और निफ्टी 153 अंक चढ़कर सप्ताहभर की गिरावट से उबरे।
घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली और सप्ताहभर से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। वैश्विक बॉन्ड यील्ड पर दबाव कम होने और अमेरिकी ट्रेजरी के हस्तक्षेप से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई, जिससे प्रमुख सूचकांकों में व्यापक खरीदारी दर्ज की गई।
निफ्टी 50 153.55 अंक यानी 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,231.85 पर बंद हुआ। वहीं, बीएसई सेंसेक्स 628.04 अंक यानी 0.82 प्रतिशत चढ़कर 77,537.72 पर पहुंच गया।
बाजार में यह तेजी ऐसे समय आई, जब ब्रेंट क्रूड की कीमत दो प्रतिशत से अधिक बढ़कर लगभग 94 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। इसके बावजूद अमेरिकी ट्रेजरी के कदम के बाद वैश्विक बॉन्ड यील्ड पर दबाव कम होने से निवेशकों को राहत मिली।
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जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिकी ट्रेजरी के हस्तक्षेप ने वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेजी को नियंत्रित करने में मदद की, जिसके बाद घरेलू बाजार में व्यापक आधार पर सुधार देखने को मिला। उनके अनुसार, डॉलर में कमजोरी, रुपये की मजबूती और यील्ड के दबाव में कमी से उभरते बाजारों का आकर्षण बढ़ा।
उन्होंने कहा कि आईटी और वित्तीय शेयरों की मजबूती ने बाजार की तेजी का नेतृत्व किया। एनएसई के लगभग सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स सकारात्मक दायरे में बंद हुए। निफ्टी मीडिया 2.13 प्रतिशत की तेजी के साथ प्रमुख लाभार्थियों में रहा। निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.89 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी 0.82 प्रतिशत चढ़ा।
निफ्टी आईटी में 0.79 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो में 0.40 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा में 0.39 प्रतिशत और निफ्टी मेटल में 0.28 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
निफ्टी 50 के शेयरों में इटरनल, श्रीराम फाइनेंस, कोटक बैंक और आईटीसी प्रमुख लाभ में रहे। वहीं, टाटा कंज्यूमर, हिंडाल्को, इंडिगो, नेस्ले इंडिया और एचसीएल टेक प्रमुख नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहे।
विनोद नायर के अनुसार, निकट अवधि में बाजार की दिशा वैश्विक बॉन्ड यील्ड, ऊर्जा कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतें मुद्रास्फीति और कंपनियों की लाभप्रदता के लिए जोखिम बनी हुई हैं।
एशियाई बाजारों में भी अधिकांश सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। जापान का निक्केई 225 1.20 प्रतिशत और हांगकांग का हैंग सेंग 0.91 प्रतिशत चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई।
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