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7 विदेशी गिरफ्तार: कोर्ट ने एनआईए की सिफारिश मानी, ड्रोन उद्देश्य और बागी समूह से लिंक की जांच जरूरी

दिल्ली की विशेष अदालत ने एनआईए की सिफारिश मानी और सात विदेशी नागरिकों के मामले में ड्रोन उद्देश्य, भारत आने के कारण और किसी बागी समूह से संबंध की जांच जरूरी बताई।

दिल्ली की विशेष अदालत ने एनआईए की सिफारिश के साथ सात विदेशी नागरिकों – छह यूक्रेनियन और एक अमेरिकी – की हिरासत 10 दिन के लिए बढ़ा दी। ये विदेशी नागरिक 13 मार्च को गिरफ्तार किए गए थे और उन पर कथित आतंकवादी साजिश का मामला दर्ज है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने एनआईए मुख्यालय में बहस सुनने के बाद आदेश में कहा कि मामले की पूरी तरह से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाए कि ये विदेशी नागरिक भारत क्यों आए? उन्होंने म्यांमार की यात्रा क्यों की? ड्रोन का उद्देश्य क्या था? क्या उन्होंने किसी व्यक्ति को प्रशिक्षण देने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया? और क्या किसी भारतीय या भारत में किसी बागी जातीय समूह का उनके साथ कोई सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध है?

एनआईए ने भी कहा है कि विदेशी नागरिकों और भारत में सक्रिय जातीय बागी समूहों के बीच संबंधों की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। इसलिए, मामले की पूरी जांच और उनके इरादों को समझना आवश्यक है।

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विशेष अदालत ने स्पष्ट किया कि इन सभी पहलुओं पर गहन जांच करनी होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन विदेशी नागरिकों ने भारत में किस उद्देश्य से प्रवेश किया और ड्रोन का इस्तेमाल क्यों किया।

एनआईए इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी रखेगा और अदालत ने कहा कि जांच के दौरान सभी संदिग्धों के यात्रा रिकॉर्ड, संचार और संबंधों की समीक्षा की जानी चाहिए।

इस मामले की जाँच से आतंकवाद और बागी समूहों से जुड़े विदेशी नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।

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