सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर आतंक फंडिंग मामले में अलगाववादी नेता शबीर शाह को जमानत दी
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर आतंक फंडिंग मामले में शबीर शाह को जमानत दी, आदेश में जल्द ही जमानत की शर्तें घोषित की जाएंगी।
जम्मू-कश्मीर आतंक फंडिंग मामले में एक बड़ा फैसला सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने कश्मीरी अलगाववादी नेता शबीर अहमद शाह को जमानत दे दी है। कोर्ट ने कहा कि जल्द ही जमानत की शर्तों के विस्तृत आदेश जारी किए जाएंगे और शबीर शाह की रिहाई इन शर्तों के पालन के अधीन होगी।
कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोंसाल्वेस ने शबीर शाह की ओर से बहस की, जबकि एनआईए की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा उपस्थित थे। न्यायालय ने मामले में कुछ विसंगतियों और शाह की लंबी हिरासत पर भी ध्यान दिलाया। 4 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत का अनुरोध खारिज कर दिया था और दिल्ली हाई कोर्ट के 12 जून 2025 के आदेश को चुनौती देने पर एनआईए को नोटिस जारी किया था।
शबीर शाह पर घाटी में अलगाववादी गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने और आतंक फंडिंग में शामिल होने के आरोप हैं। 2017 में एनआईए ने 12 लोगों के खिलाफ साजिश के आरोप लगाए थे, जिनमें पत्थरबाजी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और केंद्र सरकार के खिलाफ युद्ध की साजिश शामिल थी। शबीर शाह पर जनता को अलगाववाद के समर्थन में नारे लगाने के लिए उकसाने, मारे गए आतंकवादियों के परिवार को श्रद्धांजलि देने, हवाला लेन-देन के माध्यम से धन प्राप्त करने और क्रॉस-एलओसी व्यापार के जरिए फंड जुटाने का आरोप था। इन धनराशियों का कथित रूप से घाटी में असामाजिक और उग्रवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में उपयोग किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत के नियमों और शर्तों का विस्तृत आदेश जल्द ही जारी किया जाएगा, और शबीर शाह की रिहाई उसी पर निर्भर करेगी। इस फैसले से जम्मू-कश्मीर आतंक फंडिंग मामले में महत्वपूर्ण मोड़ आया है।