सीपीआई(एम) से जुड़ी अटकलों पर थरूर खामोश, कांग्रेस नेतृत्व से सीधे बातचीत का भरोसा
शशि थरूर ने सीपीआई(एम) से जुड़ी अटकलों पर टिप्पणी से इनकार किया और कांग्रेस बैठक में गैरहाज़िरी को समय का मामला बताया, साथ ही पार्टी नेतृत्व से सीधे बातचीत का भरोसा दिलाया।
कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने मंगलवार (27 जनवरी, 2026) को उन खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिनमें उनके सीपीआई(एम) की ओर झुकाव की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि नई दिल्ली में हुई कांग्रेस की उच्चस्तरीय बैठक में उनकी अनुपस्थिति किसी तरह की नाराज़गी या राजनीतिक संदेश नहीं, बल्कि “खराब समय” का नतीजा थी।
थरूर ने कहा कि वह अपने विचारों को लेकर पार्टी नेतृत्व से “सीधे” बातचीत करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बुधवार (28 जनवरी, 2026) से शुरू हो रहे संसद सत्र के दौरान इसके लिए उपयुक्त अवसर मिलेगा।
कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य शशि थरूर ने उन अटकलों को भी संबोधित किया, जिनमें कहा जा रहा था कि उन्होंने पार्टी की “रणनीतिक बैठक” को नज़रअंदाज़ किया। यह बैठक उसी दिन कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के आवास पर आयोजित की गई थी। थरूर ने कहा कि उन्हें इस बैठक का निमंत्रण बहुत देर से मिला, जिस कारण वह अपने पहले से तय कार्यक्रम में बदलाव नहीं कर सके।
उन्होंने बताया, “मुझे रणनीतिक बैठक का निमंत्रण केवल एक या दो दिन पहले मिला था। तब तक मैं दुबई से लौटने के लिए अपनी उड़ान बुक कर चुका था।” थरूर ने इस पूरे मामले में मीडिया की अटकलों को भी जिम्मेदार ठहराया और कहा कि बिना ठोस आधार के रिपोर्टिंग की जा रही है।
इससे एक दिन पहले, सोमवार (26 जनवरी, 2026) को थरूर ने स्वीकार किया था कि उन्होंने ऐसी खबरें देखी हैं, जिनमें दावा किया गया कि दुबई में उनकी सीपीआई(एम) से जुड़े कुछ लोगों के साथ बातचीत हुई थी, लेकिन उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से परहेज किया।
वहीं, सत्तारूढ़ सीपीआई(एम) ने थरूर के पार्टी में शामिल होने से जुड़ी चर्चाओं को केवल अटकलें बताया है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी साफ किया है कि शशि थरूर पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, किसी भी मतभेद को सुलझा लिया जाएगा और उनके पार्टी छोड़ने का सवाल ही नहीं है।
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