केरल चुनाव में बीजेपी हाशिये की पार्टी: शशि थरूर, LDF-UDF के बीच सीधी टक्कर की भविष्यवाणी
शशि थरूर ने केरल में बीजेपी को कमजोर बताया और कहा कि चुनाव में असली मुकाबला एलडीएफ और यूडीएफ के बीच होगा, जहां हर वोट महत्वपूर्ण रहेगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने गुरुवार को केरल की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को एक हाशिये की ताकत बताते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में असली मुकाबला सिर्फ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच होगा।
तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने कहा कि बीजेपी राज्य में न तो निर्णायक भूमिका निभा सकती है और न ही ‘किंगमेकर’ बन सकती है। उन्होंने कहा, “यह त्रिकोणीय मुकाबला नहीं है। विधानसभा में बीजेपी की स्थिति शून्य सीटों वाली है। अगर वे एक-दो सीटें जीतते हैं, तो उसे बड़ी सफलता मानेंगे।”
हालांकि, थरूर ने यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान सर्वेक्षणों में एलडीएफ और यूडीएफ के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है, जिससे हर वोट बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ चुनावी अभियान में जुटने की अपील की और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने को कहा।
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अपने 17 वर्षों के राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए थरूर ने बताया कि बीजेपी का वोट शेयर राज्य में 6 प्रतिशत से बढ़कर 12-13 प्रतिशत तक पहुंचा है, जबकि लोकसभा चुनावों में यह 19 प्रतिशत तक गया। फिर भी, उन्होंने कहा कि जीत के लिए कम से कम 35 प्रतिशत वोट जरूरी होते हैं, जो बीजेपी के लिए अभी चुनौती बना हुआ है।
साल 2021 के विधानसभा चुनाव में पिनराई विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ ने 99 सीटें जीतकर लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी, जबकि यूडीएफ को 41 सीटें मिली थीं। बीजेपी को तब कोई सीट नहीं मिली थी।
थरूर का मानना है कि केरल की राजनीति अभी भी द्विध्रुवीय बनी हुई है और आगामी चुनाव में भी यही स्थिति कायम रहेगी।
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