शिमला पुलिस ने पेयजल टैंक में मिलाई गई दूषित सामग्री के मामले में FIR दर्ज की
शिमला के बरेष्टू गांव में पेयजल टैंक में दूषित पदार्थ मिलने से FIR दर्ज, पानी पीने योग्य नहीं; पुलिस और जल शक्ति विभाग जांच में जुटे।
शिमला के पुलिस ने रोहड़ू इलाके के टिक्कर उपखंड के बरेष्टू गांव में पेयजल टैंक में संदिग्ध रूप से दूषित पदार्थ मिलाने के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह पानी टैंक गांव के कई घरों तक पानी पहुंचाता है।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पानी दूषित था और पीने योग्य नहीं था। घटना 8 फरवरी को हुई थी, लेकिन FIR 10 फरवरी को रोहड़ू पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई। FIR बरेष्टू गांव के निवासी आदर्श शर्मा की शिकायत पर दर्ज की गई।
DSP (रोहड़ू) प्रणव चौहान ने बताया कि 8 फरवरी को दोपहर में आदर्श शर्मा ने अपने पीने के पानी में तेज बदबू महसूस की और मामले की सूचना दी। इसके बाद गांववासियों ने भी टैंक से जुड़ी नलों के पानी में बदबू पाई। उसी दिन जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी गई, जिन्होंने रात में गांव पहुंचकर पानी के नमूने एकत्रित किए।
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पुलिस अब इस मामले में आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जब तक पानी की शुद्धता सुनिश्चित न हो, तब तक पानी का उपयोग पीने या खाना बनाने के लिए न करें।
गांववासियों में यह घटना चिंता और भय पैदा कर रही है, क्योंकि दूषित पानी स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। पुलिस और जल शक्ति विभाग की त्वरित कार्रवाई से संभावित स्वास्थ्य संकट को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की सुरक्षा और स्वच्छता पर चिंता बढ़ा रहा है और प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता को दर्शाता है।
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