शेष राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण अप्रैल से शुरू होने की संभावना
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश सहित 23 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण अप्रैल 2026 से शुरू करने की तैयारी तेज करने के निर्देश दिए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने देश के शेष 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं। आयोग के अनुसार, यह अभियान अप्रैल 2026 से शुरू होने की संभावना है।
गुरुवार को जारी एक पत्र में चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को निर्देश दिया कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू करने के लिए तैयारियां शीघ्र पूरी करें। आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक तैयारियों में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूचियों का व्यापक सत्यापन, संशोधन और अद्यतन किया जाएगा, ताकि पात्र नागरिकों के नाम शामिल हों और अपात्र या दोहराव वाले नाम हटाए जा सकें।
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इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा SIR
- आंध्र प्रदेश
- अरुणाचल प्रदेश
- चंडीगढ़
- दादरा और नगर हवेली
- दमन और दीव
- हरियाणा
- हिमाचल प्रदेश
- जम्मू और कश्मीर
- झारखंड
- कर्नाटक
- लद्दाख
- महाराष्ट्र
- मणिपुर
- मेघालय
- मिजोरम
- नागालैंड
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली
- ओडिशा
- पंजाब
- सिक्किम
- त्रिपुरा
- तेलंगाना
- उत्तराखंड
चुनाव आयोग का मानना है कि पारदर्शी और अद्यतन मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसलिए आयोग ने सभी राज्यों को प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर तैयारी सुनिश्चित करने को कहा है।
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बूथ स्तर के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी, जो घर-घर सत्यापन और दस्तावेज जांच की प्रक्रिया में शामिल रहेंगे।
यह कदम आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है, ताकि मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे और चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष व पारदर्शी बनी रहे।
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