सिसवान में अवैध निर्माण: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने GMADA का हलफनामा खारिज किया, 25,000 रुपये जुर्माना लगाया
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिसवान अवैध निर्माण मामले में GMADA का हलफनामा खारिज कर ₹25,000 जुर्माना लगाया और नए हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को सिसवान वन क्षेत्र और इसके आसपास की नियंत्रित क्षेत्रों में अवैध निर्माण से संबंधित हलफनामा खारिज कर दिया। कोर्ट ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) पर ₹25,000 का अंतरिम जुर्माना भी लगाया, जो PGI चंडीगढ़ के गरीब मरीज कल्याण कोष (PPWF) में जमा किया जाएगा।
चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की डिवीजन बेंच ने GMADA को निर्देश दिया कि वह पूरी जानकारी के साथ नया हलफनामा दाखिल करे। इस मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
सुनवाई के दौरान निजी पक्षकारों और प्रभावितों के वकीलों ने आरोप लगाया कि GMADA ने भ्रामक और अपूर्ण जानकारी दी। अदालत के सामने यह भी कहा गया कि GMADA ने उल्लंघनकर्ताओं की संख्या कम दिखाई और उनके खिलाफ की गई ठोस कार्रवाई का विवरण नहीं दिया।
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मामला सास नगर जिले के सिसवान वन क्षेत्र में कथित अवैध वाणिज्यिक और अन्य निर्माणों से जुड़ा है। कोर्ट ने साफ कहा कि GMADA अपनी रिपोर्ट में कार्रवाई की स्थिति और समयसीमा स्पष्ट रूप से नहीं बता रही है। अदालत ने इसे गंभीरता से लिया और जुर्माने के साथ नई हलफनामा पेश करने का आदेश दिया।
अब GMADA को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि कितने उल्लंघनकर्ता हैं, उनके खिलाफ क्या कदम उठाए गए और भविष्य में ऐसे उल्लंघनों को रोकने की क्या योजना है।
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