लखनऊ अग्निकांड जांच में बड़ा खुलासा: 25 अधिकारियों की लापरवाही उजागर, सख्त कार्रवाई की सिफारिश
लखनऊ अग्निकांड जांच में 25 अधिकारियों की लापरवाही सामने आई। एलडीए ने कार्रवाई की सिफारिश की है, जबकि राज्य में अवैध भवनों और कोचिंग सेंटरों पर सख्त अभियान जारी है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई थी, की जांच में बड़ा प्रशासनिक खुलासा हुआ है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की जांच रिपोर्ट में कुल 25 अधिकारियों की कथित लापरवाही सामने आई है, जिनमें 19 अभियंता और 6 पीसीएस अधिकारी शामिल हैं। रिपोर्ट में इन सभी पर कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
एलडीए के अनुसार, जिस व्यावसायिक इमारत में यह हादसा हुआ, उसके निर्माण और सुरक्षा मंजूरी में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में यह भी सामने आया कि नियमों के उल्लंघन के बावजूद भवन का संचालन जारी रहा, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ।
राज्यभर में सख्ती बढ़ी
इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में अवैध भवनों और कोचिंग संस्थानों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। कई शहरों में जांच टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं और अब तक 100 से अधिक इमारतों को सील किया जा चुका है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
लखनऊ में 15 कोचिंग सेंटर सील
बुधवार को एलडीए और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीमों ने अभियान चलाकर लखनऊ में 15 कोचिंग सेंटर भवनों को सील कर दिया। इन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों और आवश्यक नियमों का पालन नहीं पाया गया।
अवैध इमारत पर गिर सकती है गाज
जांच के घेरे में आई अलीगंज की इमारत, जहां यह हादसा हुआ था, अब ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में है। प्रशासन का मानना है कि यह कदम अवैध निर्माण और सुरक्षा लापरवाही पर सख्त संदेश देने के लिए जरूरी है।
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