स्मृति ईरानी का राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर हमला, बोलीं- कांग्रेस का वंदे मातरम् का अपमान करने का पुराना इतिहास
स्मृति ईरानी ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल और सोनिया गांधी पर भी तीखा हमला किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस हिंदू आस्था का अपमान करती रही है।
भारतीय जनता पार्टी की नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। एक साक्षात्कार में स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने का लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व, खासकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी, पर भी निशाना साधा।
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के उस प्रस्ताव पर सवाल उठाया, जिसमें पार्टी ने अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल शुरुआती दो अंतरों को गाने की पुरानी व्यवस्था का पालन करने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बार-बार हिंदू देवी-देवताओं और हिंदू आस्था का अपमान करती रही है।
स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस और सोनिया गांधी को खुले तौर पर स्वीकार करना चाहिए कि उन्हें हिंदू देवी-देवताओं से समस्या है। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए सवाल किया कि क्या पार्टी में किसी अन्य धर्म के बारे में इसी तरह की टिप्पणी करने का साहस है।
उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम् को लेकर सोनिया गांधी की कथित आपत्ति कोई पहली घटना नहीं है। स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के भीतर इस मुद्दे पर दिए गए अलग-अलग बयानों को लेकर भी निशाना साधा।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को जनता की ओर से उचित जवाब मिलेगा और कांग्रेस आने वाले वर्षों में भी विपक्ष में बनी रह सकती है।
स्मृति ईरानी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी को हराया था। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में वह कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा से चुनाव हार गई थीं।
स्मृति ईरानी ने महात्मा गांधी के कांग्रेस को भंग करने के विचार का भी जिक्र किया और कहा कि अगर कांग्रेस वास्तव में गांधी का सम्मान करती है तो उसे उनकी इच्छा के अनुसार पार्टी को समाप्त कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश के लोग सेना, अर्धसैनिक बलों और सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस को उनका समर्थन नहीं मिलेगा।
स्मृति ईरानी को हाल ही में भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है। उनका बयान कांग्रेस द्वारा 1937 के प्रस्ताव का पालन करने के फैसले के बाद आया है। उस प्रस्ताव के तहत कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरे गाने की व्यवस्था तय की गई थी। 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
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