भारतीय समुद्री क्षेत्र में युवाओं को अवसर, समझौता ज्ञापन से मिलेगा नई करियर का रास्ता: सरबानंद सोनोवाल
सरबानंद सोनोवाल ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में हुए समझौता ज्ञापनों से युवाओं को उच्च करियर अवसर मिलेंगे, जिससे भारत की आर्थिक वृद्धि और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने भारत के समुद्री क्षेत्र की आर्थिक विकास में भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने और उच्च विकास वाले करियर अपनाने के लिए बड़े अवसर प्रदान कर रहा है।
शुक्रवार को दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान किया गया। इस अवसर पर सरबानंद सोनोवाल ने कहा कि इन समझौतों का उद्देश्य युवाओं को समुद्री क्षेत्र में कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ना है।
मंत्री ने बताया कि भारत का समुद्री क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और यह न केवल व्यापार और वाणिज्य के लिए बल्कि रोजगार सृजन के लिए भी एक मजबूत आधार बन रहा है। उन्होंने कहा कि इन MoUs के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।
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सोनोवाल ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि देश के युवा इस क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं और भारत को वैश्विक समुद्री शक्ति बनाने में योगदान दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुद्री अर्थव्यवस्था भारत के भविष्य की आर्थिक वृद्धि का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
इन समझौतों को शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए भी तैयार किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि ऐसे प्रयासों से देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।
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