साउदर्न रेलवे के कोचिंग टर्मिनल विस्तार से चेन्नई, कोयम्बटूर और एर्नाकुलम से चलेंगी अधिक ट्रेनें
साउदर्न रेलवे चेन्नई, कोयम्बटूर और एर्नाकुलम में कोचिंग टर्मिनल विस्तार कर अगले पांच वर्षों में अधिक ट्रेनें चलाएगा और कनेक्टिविटी में सुधार करेगा।
भारतीय रेलवे आगामी वर्षों में अपनी ट्रेन क्षमता दोगुनी करने की योजना बना रहा है, और इसके तहत साउदर्न रेलवे (SR) ने चेन्नई, कोयम्बटूर और एर्नाकुलम (कोच्चि) में कोचिंग टर्मिनल के विस्तार की योजना बनाई है। इन तीन शहरों में बुनियादी ढांचे के सुधार के बाद अधिक ट्रेन सेवाएं संचालित की जा सकेंगी और कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार, भारतीय रेलवे अगले पांच वर्षों में 48 प्रमुख शहरों में प्रस्थान ट्रेन की क्षमता को दोगुना करने का लक्ष्य रख रहा है। हालांकि अंतिम लक्ष्य 2030 तक क्षमता को दोगुना करना है, लेकिन अगले पांच वर्षों में इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा ताकि नई क्षमता का लाभ तुरंत उठाया जा सके।
साउदर्न रेलवे की योजना के तहत, कोचिंग टर्मिनल में आवश्यक सुधार कार्य किए जाएंगे, जिसमें नई प्लेटफार्म सुविधाएं, ट्रेन परिचालन के लिए तकनीकी अपग्रेड, यात्री सुविधाओं में सुधार और ट्रेनिंग वर्कशॉप का विस्तार शामिल होगा। यह कदम न केवल अतिरिक्त ट्रेन संचालन की अनुमति देगा, बल्कि यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा और समय की बचत भी सुनिश्चित करेगा।
चेन्नई, कोयम्बटूर और एर्नाकुलम टर्मिनल के विस्तार से इन शहरों से अधिक प्रस्थान ट्रेनें संचालित होंगी, जिससे क्षेत्रीय और लंबी दूरी की यात्राओं में सुविधा बढ़ेगी। यह पहल भारतीय रेलवे की “विजन 2030” योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश के प्रमुख शहरों में ट्रेन परिचालन क्षमता को दोगुना करना और यात्री अनुभव को बेहतर बनाना है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कोचिंग टर्मिनल के विस्तार से यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे, भीड़ कम होगी और ट्रेन संचालन की नियमितता भी बेहतर होगी।
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