पश्चिम बंगाल चुनाव असर? अखिलेश यादव ने I-PAC से तोड़ा नाता, सपा ने रणनीति में बड़ा बदलाव किया
अखिलेश यादव की सपा ने आई-पैक से नाता तोड़ दिया है। पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों और ईडी कार्रवाई के बाद पार्टी ने 2027 यूपी चुनाव के लिए नई रणनीति अपनाई है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अखिलेश यादव की अगुवाई वाली समाजवादी पार्टी (सपा) ने बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। पार्टी ने राजनीतिक सलाहकार संस्था आई-पैक के साथ अपना समझौता समाप्त कर दिया है।
यह करार चुनाव प्रबंधन और सोशल मीडिया रणनीति के लिए किया गया था, लेकिन अब सपा ने इसे समाप्त कर दिया है। हालांकि, पार्टी ने यह स्पष्ट किया है कि “शो टाइम” नामक दूसरी एजेंसी अपने प्रचार कार्यों को जारी रखेगी।
सूत्रों के अनुसार, आई-पैक को मुख्य रूप से उन सीटों पर काम सौंपा गया था जहां सपा पिछले विधानसभा चुनाव में बहुत कम अंतर से हारी थी। लेकिन हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और कई राज्यों के चुनाव परिणामों ने इस साझेदारी पर असर डाला।
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सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में सलाहकार फर्म के साथ काम कर रही पार्टियों के खराब प्रदर्शन के बाद भरोसा कमजोर हुआ। खासकर ममता बनर्जी की पार्टी के चुनावी परिणामों ने भी इस निर्णय को प्रभावित किया।
इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद भी आई-पैक की स्थिति कमजोर हुई। हाल ही में ईडी ने कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में फर्म के निदेशक को गिरफ्तार किया था, जिससे संगठन की साख पर असर पड़ा।
सूत्रों के अनुसार, इन घटनाओं के बाद कई राजनीतिक दलों ने इस कंपनी की क्षमता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे।
अब सपा आगामी चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अपनी रणनीति को नए सिरे से तैयार कर रही है। पार्टी अब स्थानीय और स्वतंत्र रणनीतिक टीमों पर अधिक भरोसा करने की दिशा में बढ़ रही है।
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