शेयर बाजार में तीन दिन की तेजी पर ब्रेक, मेटल और आईटी शेयरों में बिकवाली से गिरावट
मेटल और आईटी शेयरों में बिकवाली, विदेशी निवेशकों की निकासी और बजट से पहले सतर्कता के चलते सेंसेक्स-निफ्टी में तीन दिन की तेजी टूट गई और बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।
शुक्रवार (30 जनवरी 2026) को घरेलू शेयर बाजारों में तीन दिन से जारी तेजी पर विराम लग गया। मेटल और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली तथा 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले सतर्कता के माहौल के कारण प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की ताजा निकासी और रुपये में कमजोरी ने भी बाजार की धारणा को नकारात्मक बनाए रखा।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 296.59 अंक या 0.36% गिरकर 82,269.78 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 625.34 अंक तक टूटकर 81,941.03 के स्तर पर भी पहुंच गया था। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 98.25 अंक या 0.39% की गिरावट के साथ 25,320.65 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा स्टील सबसे ज्यादा 4.57% लुढ़का। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और कोटक महिंद्रा बैंक भी नुकसान में रहे। दूसरी ओर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईटीसी और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में मजबूती देखी गई।
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एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार (29 जनवरी 2026) को ₹393.97 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने ₹2,638.76 करोड़ की खरीदारी की।
वैश्विक विकास को लेकर चिंताओं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण आईटी शेयरों पर दबाव रहा, जबकि मजबूत डॉलर के चलते सोना-चांदी में भी गिरावट आई। लगातार एफआईआई बिकवाली और रुपये में कमजोरी से निवेशकों की धारणा सतर्क बनी रही।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में रहे। यूरोपीय बाजारों में तेजी देखी गई, जबकि अमेरिकी बाजार गुरुवार को अधिकांशतः कमजोर रहे।
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