NEET प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले सभी हिरासत में लिए गए छात्रों को तत्काल रिहा करने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने NEET प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले छात्रों की तत्काल रिहाई का आदेश दिया। सात राज्यों को नोटिस जारी कर CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।
NEET-UG पेपर लीक के कथित मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए देशव्यापी प्रदर्शनों पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि जिन छात्रों को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया और जिनका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन छात्रों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था और जिन्हें केवल प्रदर्शन में शामिल होने के कारण आरोपी बनाया गया है, उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या जबरन कार्रवाई नहीं की जाएगी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाओं में लगाए गए आरोप संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों के संभावित उल्लंघन से जुड़े गंभीर प्रश्न उठाते हैं। अदालत ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुए प्रदर्शन बाद में मध्य प्रदेश, बिहार सहित कई राज्यों तक फैल गए, जहां प्रदर्शनकारियों पर कथित रूप से अत्यधिक पुलिस बल प्रयोग के आरोप लगाए गए हैं।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि छात्र शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और कथित तौर पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया। याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि कई छात्रों को रबर की गोलियां लगीं, कुछ स्थानों पर इलेक्ट्रिक बैटन का उपयोग किया गया और कीलों वाली लाठियों से भी हमला किया गया, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। एक छात्र की एक आंख की रोशनी जाने का भी दावा किया गया है। इसके अलावा प्रदर्शन की कवरेज कर रहे एक पत्रकार के घायल होने का भी उल्लेख किया गया।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन आरोपों की सत्यता पर उसने अभी कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है और मामले की न्यायिक जांच जारी है।
अदालत ने दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और केरल सरकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को प्रदर्शन से जुड़े सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है, ताकि जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य सुरक्षित रह सकें।
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