पैगंबर मोहम्मद पर कथित टिप्पणी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह
सुप्रीम कोर्ट ने पैगंबर मोहम्मद पर कथित टिप्पणी मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार किया और शिकायतकर्ता को पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराने तथा कानूनी प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पैगंबर मोहम्मद पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में दायर मौखिक याचिका पर तत्काल संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि वह स्थापित कानूनी प्रक्रिया को दरकिनार नहीं करेगी और शिकायतकर्ता को पहले संबंधित पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।
यह मामला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अल्पसंख्यक मोर्चा की नेता और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नाज़िया इलाही खान द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित रूप से की गई टिप्पणी से जुड़ा है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत से अनुरोध किया गया था कि वह इस मामले में सीधे हस्तक्षेप कर तत्काल संज्ञान ले।
हालांकि, न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति शील नागू की अवकाशकालीन पीठ ने इस मौखिक अनुरोध को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। पीठ ने स्पष्ट किया कि न्यायालय ऐसी प्रक्रिया नहीं अपनाएगा जिससे शिकायत दर्ज कराने की स्थापित कानूनी व्यवस्था प्रभावित हो या उसमें अव्यवस्था पैदा हो।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी कथित आपत्तिजनक बयान से शिकायत है तो सबसे पहले कानून के अनुसार संबंधित पुलिस अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज करानी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि संवेदनशील मामलों में अनावश्यक सनसनी फैलाने से बचना चाहिए और सभी पक्षों को कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
पीठ ने यह भी संकेत दिया कि देश की न्यायिक व्यवस्था एक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य करती है और किसी भी मामले में सीधे सर्वोच्च न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग करना उचित नहीं है, जब तक कि उपलब्ध कानूनी उपायों का पहले उपयोग न किया गया हो।
सुप्रीम कोर्ट के इस रुख से स्पष्ट हुआ कि वह संवेदनशील मामलों में भी स्थापित न्यायिक प्रक्रिया और विधिक व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने के पक्ष में है तथा शिकायतों के निस्तारण के लिए निर्धारित कानूनी माध्यमों को प्राथमिकता देता है।
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