सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने के आरोप में लखनऊ विश्वविद्यालय के दो विधि छात्र गिरफ्तार, दो दिन की पुलिस रिमांड
सुप्रीम कोर्ट में 10 जुलाई को सुनवाई के दौरान हंगामा करने के मामले में लखनऊ विश्वविद्यालय के दो विधि छात्रों को गिरफ्तार कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
सुप्रीम कोर्ट में 10 जुलाई को सुनवाई के दौरान हंगामा करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने लखनऊ विश्वविद्यालय के दो विधि छात्रों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इस मामले में तिलक मार्ग थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं, जिनमें धारा 132, 221, 224 और 3(5) शामिल हैं, के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मुख्य आरोपी की पहचान प्रबल प्रताप सिंह (24) के रूप में हुई है, जो लखनऊ विश्वविद्यालय में तृतीय वर्ष का विधि छात्र है। दूसरा आरोपी चंदर भान (23) है, जो विश्वविद्यालय में द्वितीय वर्ष का विधि छात्र है।
पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम नंबर 13 में एक मामले की सुनवाई के दौरान प्रबल प्रताप सिंह ने कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। आरोप है कि उसने सुनवाई के दौरान अदालत के भीतर केस से जुड़े दस्तावेज़ फेंक दिए, जिससे कार्यवाही बाधित हुई। जब सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के साथ धक्का-मुक्की भी की।
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घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दोनों आरोपियों का आईएचबीएएस (मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान) में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों को तत्काल किसी मानसिक उपचार की आवश्यकता नहीं है।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से आपत्तिजनक सामग्री वाले पर्चे भी बरामद किए हैं। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
यह घटना उस समय हुई जब प्रबल प्रताप सिंह अपनी याचिका पर स्वयं पैरवी कर रहा था। उसने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसकी याचिका को निजी शिकायत में परिवर्तित कर दिया गया था। सुनवाई के दौरान उसने न्यायाधीशों से कथित रूप से अभद्र भाषा में बात की और अदालत में मौजूद मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसे तत्काल कोर्ट कक्ष से बाहर ले जाकर हिरासत में ले लिया।