दिल्ली के सीजेपी प्रदर्शन में दलित व्यक्ति से मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज पर एससी-एसटी एक्ट लगा, गिरफ्तारी की तैयारी
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी प्रदर्शन के दौरान दलित व्यक्ति से कथित मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज पर एससी-एसटी एक्ट जोड़ा है। पुलिस जल्द गिरफ्तारी कर सकती है।
दिल्ली में जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए सीजेपी प्रदर्शन के दौरान दलित व्यक्ति संजय कुमार से कथित मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़ दी हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है। जांच के तहत पुलिस संजय कुमार की दोबारा चिकित्सकीय जांच कराने की भी तैयारी कर रही है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जांच अधिकारी यह तय करेंगे कि मामले में हत्या के प्रयास की धारा भी जोड़ी जाए या नहीं।
स्वतंत्र भारद्वाज ने आरोपों से बचाव करते हुए दावा किया है कि उन्होंने आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ उन्हें पीट-पीटकर मारने की स्थिति में पहुंच गई थी। हालांकि, उन पर आरोप है कि उन्होंने संजय कुमार के सिर पर हमला किया और बाद में एक पॉडकास्ट में कथित तौर पर इस घटना का जिक्र किया।
इस बीच सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका संसद मार्ग थाने पहुंचे और पुलिस से आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। सौरव दास ने कहा कि वे बातचीत के लिए आए हैं और पुलिस को कार्रवाई करने का समय दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिलने पर प्रदर्शनकारी दोबारा थाने पहुंचेंगे।
यह पूरा विवाद जंतर-मंतर पर 2026 नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ हुए सीजेपी आंदोलन के दौरान सामने आया था। प्रदर्शन के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी इस्तीफा देना पड़ा था।
संजय कुमार की बेटी और किशोर सीजेपी प्रदर्शनकारी निशु आजाद ने आरोप लगाया था कि उनके पिता के सिर पर हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोट लगी। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मदद मांगी थी।
सीजेपी नेताओं ने पुलिस पर भारतीय जनता पार्टी के दबाव में कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए हत्या का मामला दर्ज करने की मांग भी की है।