शरीर के इन हिस्सों में सूजन हो सकती है किडनी बीमारी का संकेत, समय पर जांच जरूरी
आंखों, पैरों, हाथों या पेट में लगातार सूजन किडनी बीमारी का संकेत हो सकती है। समय पर जांच और उपचार से किडनी को होने वाले गंभीर नुकसान से बचाव संभव है।
शरीर में सूजन अक्सर एक सामान्य समस्या समझी जाती है। लोग इसे लंबे समय तक खड़े रहने, ज्यादा नमक खाने या थकान का परिणाम मान लेते हैं। लेकिन यदि आंखों, पैरों, हाथों या पेट में लगातार सूजन बनी रहती है, तो यह किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी स्थिति में समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
स्वस्थ किडनी रक्त से अतिरिक्त तरल पदार्थ और अपशिष्ट को फिल्टर करके पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकालती है। जब किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाती है, तो शरीर में अतिरिक्त तरल जमा होने लगता है। इस स्थिति को चिकित्सकीय भाषा में ओडेमा कहा जाता है। समय के साथ यह तरल शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सूजन का कारण बन सकता है।
आंखों के आसपास सूजन किडनी की समस्या का शुरुआती संकेत हो सकती है। इंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थाल्मोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, सुबह के समय आंखों के नीचे सूजन या फूला हुआपन किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। किडनी खराब होने पर पेशाब के जरिए प्रोटीन का रिसाव होने लगता है, जिससे आंखों की पतली त्वचा में तरल जमा हो जाता है।
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पैरों में सूजन भी किडनी बीमारी का आम लक्षण है। विशेषज्ञों के अनुसार जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो अतिरिक्त तरल गुरुत्वाकर्षण के कारण शरीर के निचले हिस्सों में जमा होने लगता है। इससे जूते तंग लगने लगते हैं या मोजों के निशान त्वचा पर दिखाई देने लगते हैं।
इसके अलावा हाथों और उंगलियों में सूजन के कारण अंगूठियां तंग महसूस हो सकती हैं। गंभीर मामलों में पेट में तरल जमा होने से पेट फूलने या असहजता की समस्या भी हो सकती है।
यदि सूजन के साथ थकान, पेशाब में बदलाव, मतली या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
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