एसआईआर प्रक्रिया पर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी का हमला, बोले- करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाना लोकतंत्र से छेड़छाड़
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाना लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है और प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है।
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) एसवाई कुरैशी ने चुनाव आयोग द्वारा विभिन्न राज्यों में कराई जा रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोमवार को कहा कि जिस तरीके से इस प्रक्रिया के तहत करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
एसवाई कुरैशी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरी एसआईआर प्रक्रिया सही मंशा से की गई प्रतीत नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाना लोकतंत्र की मूल भावना को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में सुधार और सत्यापन जरूरी है, लेकिन यह प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे किसी योग्य नागरिक का मतदान का अधिकार प्रभावित न हो। कुरैशी के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि मताधिकार लोकतंत्र का सबसे अहम आधार है।
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह टिप्पणी ऐसे समय की है, जब चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कई राज्यों में राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों ने भी मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताई है।
एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना, फर्जी या अयोग्य नामों को हटाना और सही मतदाताओं को शामिल करना बताया गया है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि प्रक्रिया के दौरान वास्तविक मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं।
कुरैशी ने जोर दिया कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की जिम्मेदारी केवल चुनाव कराना नहीं, बल्कि लोगों के विश्वास को बनाए रखना भी है। उन्होंने कहा कि किसी भी पुनरीक्षण प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी नागरिक को उचित अवसर दिए बिना मतदाता सूची से बाहर न किया जाए।
गौरतलब है कि एसवाई कुरैशी वर्ष 2010 से 2012 तक भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त रहे हैं। वह चुनावी सुधारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार अपनी राय रखते रहे हैं।
और पढ़ें: दिल्ली सरकार की महिला समृद्धि योजना का बदला नाम, अब दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत मिलेंगे 2500 रुपये