ताइवान ने चीन के तटरक्षक गश्त को बताया उकसावे की कार्रवाई, सेना ने सतर्कता बढ़ाई
ताइवान ने अपने पूर्वी समुद्री क्षेत्र में चीन की तटरक्षक गश्त को उकसावे वाली कार्रवाई बताया है। रक्षा मंत्री वेलिंग्टन कू ने कहा कि सेना और तटरक्षक बल मिलकर जवाब देंगे।
ताइवान ने अपने पूर्वी समुद्री क्षेत्र में चीन के तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) की बढ़ती गतिविधियों को “उकसावे वाली कार्रवाई” करार दिया है। ताइवान के रक्षा मंत्री वेलिंग्टन कू ने कहा कि चीन की हालिया गश्त क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय है और इसका उचित जवाब देने के लिए ताइवानी सेना तथा तटरक्षक बल आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे।
वेलिंग्टन कू ने कहा कि ताइवान अपनी समुद्री सीमाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
चीन लंबे समय से लोकतांत्रिक शासन वाले ताइवान को अपना हिस्सा बताता रहा है और उसके पुनर्एकीकरण की वकालत करता है। हालांकि ताइवान स्वयं को एक स्वतंत्र और स्वशासित इकाई मानता है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है।
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हालिया विवाद उस समय और बढ़ गया जब पिछले महीने जापान और फिलीपींस ने अपनी समुद्री सीमाओं के निर्धारण (डिलिमिटेशन) को लेकर औपचारिक वार्ता शुरू करने की घोषणा की। चीन ने इस पहल पर नाराजगी जताई थी, क्योंकि उसका मानना है कि इन चर्चाओं में ताइवान के आसपास के समुद्री क्षेत्र भी शामिल हो सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि पूर्वी एशिया में बढ़ती सामरिक प्रतिस्पर्धा और समुद्री सीमाओं को लेकर विवाद क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकते हैं। चीन द्वारा ताइवान के आसपास सैन्य और तटरक्षक गतिविधियों में लगातार वृद्धि को ताइवान अपनी सुरक्षा के लिए चुनौती मानता है।
इस बीच, ताइवान सरकार ने दोहराया है कि वह किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगी और अपने समुद्री अधिकारों तथा क्षेत्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी।
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